श्री भक्त प्रहलाद
श्री भक्त प्रहलाद जन कल्याण संस्थान
हमारे बारे में
सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यों में विशेष रुचि, बुंदेली संस्कृति के संरक्षण— संवर्धन के साथ श्री भक्त प्रहलाद जी की नगरी तीर्थ स्थली एरच का वास्तविक सम्मान दिलाने में विशेष प्रयासरत
संस्थान का लक्ष्य उन बच्चों को सहायता और सशक्त करना है जो समाज के कमजोर वर्गों से आते हैं या विशेष जरूरतों वाले हैं, यह सहायता जाति, धर्म, लिंग या किसी भी प्रकार के भेदभाव से परे सभी जरूरतमंद बच्चों को दी जाती है।
श्री भक्त प्रहलाद जन कल्याण संस्थान बच्चों के लिए शिक्षा, जीवन कौशल, पूर्व-व्यावसायिक और व्यावसायिक प्रशिक्षण, और आवश्यकतानुसार उपचार की सुविधाएं प्रदान करता है! इसके अतिरिक्त, यह समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्गों और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के पुनर्वास और समग्र विकास के लिए अनेक पहल करता है, जिससे वे अपनी चुनौतियों को पार कर आत्मनिर्भर और सशक्त बन सक!।
संस्थान समाज में समानता और प्रगति के लिए कार्यरत है और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करने के लिए प्रतिबद्ध है।
- भारतीय सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत, नृत्य नाटक का प्रशिक्षण तथा सांस्कृतिक प्रदर्शनों, सौन्दर्य प्रतियोगिता का आयोजन एवं प्रतिभाशाली युवक-युवतियों के लिये विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करना। चित्रकला, मूर्तिकला एवं ललित कलाओं का प्रदर्शन/प्रशिक्षण का आयोजन करना।
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रति जागृति लाना और परिवार कल्याण सुधार कार्यक्रम का प्रयास करना।
- देश की जनसंख्या को रोकने के लिए जन मानस में परिवार नियोजन के प्रति जागृति लाना व परिवार नियोजन से लाभ की जानकारी देना।
- एड्स रोग फैलते हुये दुर्वार्यं व्याधि है, एड्स से बचने के लिए जन मानस को उपाय की जानकारी देना एवं एड्स और एड्स रोगियों के प्रति फैली भ्राान्तियों को दूर करने का प्रयास करना।
- बालक/बालिकाएं, शैक्षिक विकास हेतु शिक्षण संस्थाओं, विद्यालय/महाविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज आदि की स्थापना कर उनका संचालन करना।
- महिलाओं और बुजुर्गों, वृद्धों के लिए धर्मपोष आश्रम बनाना, नारी सुलभ शौचालय केन्द्र एवं बाल विकास केन्द्रों की स्थापना करना व उन्हें रोजगार परक शिक्षा व पूर्ण सहयोग प्रदान करने का प्रयास करना।
- आदिवासियों और अनुसूचित जाति एवं अनुसू० जन जातियों का समग्र विकास करना व उनके विकास की मुख्यधारा में लाना, अनुसूचित जन जातियों एवं आदिवासियों के जीवन में सुधार करने का प्रयास करना।
- बालकों में अपराध की बढ़ती हुई प्रवृत्ति को रोकना व बालक अपराधियों को शैक्षणिक, सामाजिक एवं चरित्र का विकास एवं पुनर्वास करना।
- बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराना और उनके पुनर्वास की व्यवस्था करना।
- मद्यपान का उन्मूलन और नशाखोरी के अन्दर पड़ी इन आदतों को छुडाने का प्रयास करना।
- अपरम्परागत ऊर्जा स्रोत संयंत्रों, गोबर गैस, बायोगैस, सौर ऊर्जा तथा पवन ऊर्जा पर आधारित कार्यक्रमों का प्रदर्शन व विकास करने का प्रयास करना।
- ग्रामीण विकास हेतु मलिन बस्तियों में सुधार करने का प्रयास करना, घर-घर में सुलभ शौचालय बनाना और इसके उपयोग से बायोगैस का उत्पादन व प्रयोग करने का प्रयास करना और सौर ऊर्जा विद्युत व्यवस्था करने का प्रयास करना।
- पर्यावरण की सुरक्षा के लिये वृक्षारोपण के कार्यक्रमों को करके भूमि पर वृक्षों को लगाने व वृक्षों की रक्षा के लिए प्रेरित करना और रसोई के लिए अपरम्परागत ऊर्जा प्रयोग के लिए प्रेरित करना व इन साधनों को सुलभ कराने का प्रयास करना।
- संख्या दक्षता बालक, बालिकाओं के विद्यालय एवं तकनीकी शैक्षणिक विकास हेतु कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना कर उनका संचालन करना।
- तकनीकी शिक्षा एवं गैर तकनीकी शिक्षा में संस्था स्थापित कर समर्थ वर्ग के बालक एवं बालिकाओं को प्रशिक्षित करना तथा उनका शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं चारित्रिक विकास कर सुयोग्य नागरिक बनाना।
- संविधान द्वारा पंचायती राज की स्थापना करना एवं बलदान, सुद्धारण जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों को संस्थान की भूमि पर लागू करना।
- बंजर होते हुये भू-भागों का संरक्षण कर विकास एवं प्रबन्धन की व्यवस्था व कृषि एवं उद्यम विकास के लिए प्रयास करना।
- गाँव के क्षेत्रों में लगी हुई बूटियों (वन ओषधियों) के बारे में ग्रामीण जन को जानकारी देना व आयुर्वेदिक चिकित्सीय महत्त्व बताना।
- ग्रामीण गाँवों को प्राकृतिक चिकित्सा के प्रयोग से परिचित कराना एवं उसके प्रयोग के लिए प्रेरित करना।
- पिछड़े हुए ग्रामीण युवाओं के लिए आरोग्य स्वास्थ्य केन्द्रों, ज्ञानार्जन हितार्थ पुस्तकालय, मनोरंजन केन्द्र एवं व्यायामशालाओं की स्थापना कर संचालित करने का प्रयास करना।
- देश में बढ़ती हुई भिक्षावृत्ति को रोकना और भिक्षुक गृहों का निर्माण कर उनका पुनर्वास करने का प्रयास करना।
- महिलाओं के लिए सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, कटाई व दस्तकारी प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना कर निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करने का प्रयास करना।
- समाज कल्याण विभाग, केन्द्रीय एवं राज्य सरकारों द्वारा केन्द्रीय एवं राज्य समाज कल्याण सलाहकार बोर्ड, यूनिसेफ, नवार्ड, सिडबी, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, यूनिसेफ, शिक्षा, सेफ-इण्डिया, नैराड तथा अनुमोदित महिला एवं बाल विकास कार्यक्रमों तथा ग्रामीण विकास परियोजनाओं का प्रचार प्रसार एवं उनका संचालन करना।
- गरीब आदिवासियों एवं अनुसूचित जाति व विमुक्त जन जाति की महिलाओं के लिए साक्षरता कार्यक्रम का संचालन एवं प्रौढ़ शिक्षा केन्द्र, बाल बिहार, बालवाड़ी, शिल्प कला केन्द्र की व्यवस्था व संचालन करने का प्रयास करना, और कुटीर उद्योगों के लिए बैंकों से अधिक सहायता दिलाने का प्रयास करना।
- क्षेत्रीय आपदाओं के समय पीड़ित जनता के मध्य राहत कार्य करना जैसे युद्ध, महामारी, दुर्घटना, बाढ़, सूखा आदि इसके लिये पीड़ित जनता की सहायता विभिन्न प्रकार के रचनात्मक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के द्वारा उन्हें मुफ्त भोजन, वस्त्र एवं दवा आदि की मदद पहुंचाने का कार्य करेगी।
हमारे कार्य

नेत्र परीक्षण शिविर

वैक्सीनेशन शिविर

रक्त दान शिविर
