संस्थान की स्थापना

प्राचीन काल का वैभवशाली नगर एरच, जिसे विश्व की पहली राजधानी कहकर सम्बोधित किया जाता है। यहां के पौराणिक महत्व के अनुसार यहां के नन्हें बालक में ईश्वर को पृथ्वी पर उतारने की क्षमता है यहां के ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार यहाँ कई शूर – सपूतों ने इतिहास रचा-यहों का व्यापार विश्व स्तरीय रहा है।


एरच नगर उस समय सम्पन्नता का पर्याय रहा है किन्तु आज के समय में एरच के ये सभी महत्व धूमिल हो रहे थे।
दिनांक 03 फरवरी 2019 को रविवार के दिन, दोपहर – 02 बजे किला गढ़ी हुनमान मंदिर एरच पर नगर के सैकड़ों सभ्रान्त जनों की उपस्थिति में श्री भक्त प्रहलाद जन कल्याण संस्थान की स्थापना हुई। संस्थान ने तीर्थ स्थली एरच को उसके पौराणिक व ऐतिहासिक महत्व के साथ पर्यटन के देश दुनिया के मानचित्र पर स्थापित कराने की यात्रा का शुभारम्भ किया। संस्थान ने बुन्देली संस्कृति के संरक्षण/ संवर्धन एवं भारतीय संस्कृति के सरक्षण तथा विभिन्न सेवार्थ, धमार्थ व विभिन्न जन कल्याण कारी, जन जागरूकता की योजनाओं के उद्देश्य की जमीनी सार्थकता हेतु अपनी सहभागिता का दृढ़ संकल्प लिया।


हम लोगों ने संस्थान स्थापना के लिए बैठक करने से पूर्व बैठक का विधिवत प्रचार-प्रसार के साथ एजेण्डा घुमाकर सूचित करते हुए सभी नगर वासियों को बैठक में उपस्थित होने का आग्रह किया । पोस्टर – स्टीकर के माध्यम से एरच के महत्व को प्रकाशित कर आम जन मानस को नगर की विशेषता से अवगत कराने का प्रयास किया। हम सभी जहाँ जन्मे हैं वहाँ की विशेषता जानकर ही हम सभी को अपने सौभाग्यशाली होने की अनुभूति होगी। रामचरित मानस में एक चौपाई है :-
“जाने बिनु न होय परतीती। बिनु परतीत होय नहीं प्रीती ।”
जब तक किसी विषय वस्तु के बारे में हमे जानकारी न हो उससे हमें लगाव प्रेम नहीं हो सकता। इस प्रचार-प्रसार ने पूरे नगर क्षेत्र में समस्त सम्मानीय जनों के हृदय में अपने नगर के प्रति एक अलौकिक श्रृद्धा का भाव जगा दिया। परिणाम स्वरूप संस्थान स्थापना बैठक जो ‘होली पर्व हमारी धरोहर है सामाजिक परिचर्चा’ नाम से आयोजित की गई उसमें समाज के हर वर्ग से लोगों ने सैकड़ों की संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज करायी । उपस्थित सभी वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखे एवं संस्थान के पदाधिकारियों व सदस्यों को सर्व सम्मति से चयन किया गया। कुछ कारणों से संस्थान के रजिस्टर्ड होने से पूर्व पदाधिकारियों व सदस्यों में कुछ फेर-बदल किया गया लेकिन सर्वसम्मति बनी रही। कोई विरोध नहीं हुआ ।


आज श्री भक्त प्रहलाद जन कल्याण संस्थान के द्वारा नगर – एरच एवं क्षेत्र के प्राचीन गौरव के पुनरोत्थान हेतु जो प्रयास किये जा रहे हैं, उनको समाज में पहचान मिल रही है और क्षेत्रीय विधायक मा. जवाहर लाल जी राजपूत की विशेष रूचि लेने और तन-मन-धन से सहयोग किये जाने के कारण उत्तर प्रदेश सरकार का वांछित समर्थन प्राप्त हो रहा है।

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